

कानपुर आज जामिया फैज़ाने सिद्दीक़े अकबर के पेरिंसिपल व मौलाना मुहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन के प्रदेश सचिव मौलाना हस्सान क़ादरी नक़्शबंदी ने तरावीह में क़ुरआने करीम का पहला दौर मुकम्मल किया
इस मुबारक मौक़े पर मस्जिदे हुसैनी टीपी नगर में मौलाना सालिम मिस्बाही ने ख़िताब करते हुए कहा कि क़ुरआन सर चश्मए हिदायत है सारी काएनात के लिये
आज भी क़ुरआन अपने मानने वालों की ज़िंदगी के हर क़दम पर रहनुमाई फरमा रहा है और हम जब तक इससे फैज़ हासिल करते रहेंगे यह हमें महरूम ना फेरेगा
क़ुरआने करीम की तिलावत यूँ तो बड़ा ही पसंदीदा और नेक अमल है लेकिन माहे रमज़ान में इसकी तिलावत मज़ीद बरकतों का सबब बन जाता है
इसकी तिलावत से दिलों के ज़ंग दूर होते हैं और दिल में ख़ुदा की यादें बस्ती हैं
इंसानी ज़िंदगी में कोई एैसा मोड़ नहीं जहाँ क़ुरआने करीम ने उसे एक अच्छा रास्ता ना दिखाया हो
क़ुरआने करीम को सिर्फ पढ़ लेना ही कमाल नहीं बल्कि इसके मआनी व मफाहीम पर ग़ौर करना सबसे अस्ल है
साथ ही अवाम व ख़्वास को यह भी चाहिये कि क़ुरआने करीम को सिहते लफ्ज़ी और तज्वीद की रिआयत के साथ पढ़ा जाए वरना मआना व मतालिब में एैसे ज़बरदस्त फर्क़ आते हैं कि अक़्ले इंसनी उसे देख कर दंग रह जाती है और फिर कहीं ना कहीं यह ख़ुदा की नाराज़गी का भी सबब बनते हैं
मस्जिदे हुसैनी के सदर हाजी पीर मुहम्मद अज़हरी व सेक्रेट्री नासिर अली बरकाती ने मौलाना हस्सान क़ादरी की गुल पोशी कर उनहें नज़राने व शुक्राने से नवाज़ा साथ ही जुम्ला मुस्ललियाने मस्जिद ने मैलाना से दुआएँ हासिल कीं
इस मौक़े पर मौलाना मुहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात ज़फर हाशमी ने भी मौलाना हस्सान कादरी नक्शबंदी की गुलपोशी कर मुबारकबाद दी।
जबकि शुरका में मौलाना अजमल मिस्बाही, फैज़ मुहम्मद हश्मती, हाफ़िज़ आमिर अज़हरी, हाफिज़ अनस अज़हरी, शह नवाज़ वारसी, इम्तियाज़ बरकाती, हाजी असलम बरकाती, जावेद बरकाती, बादशाह भाई, ग़ुलाम वारिस वग़ैरह के अलावा बड़ी तादाद में लौग मौजूद रहे








